अपराध पर सख्त चाबुक, एसपी ने 5 घंटे तक चली मैराथन बैठक में दिए कड़े निर्देश - Bhaskar Crime

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अपराध पर सख्त चाबुक, एसपी ने 5 घंटे तक चली मैराथन बैठक में दिए कड़े निर्देश

*पुलिस कप्तान ने पुलिस कंट्रोल रूम में अपराध कंट्रोल करने के लिए 5 घंटे, ली बैठक*

 *त्योहारों को देखते हुए गुंडे-बदमाशों पर शिकंजा, लापरवाह थाना और चौकी प्रभारियों को चेतावनी*

विशेष रिपोर्टर क्राइम भास्कर न्यूज जबलपुर, 8 अक्टूबर 2026। संस्कारधानी में कानून व्यवस्था और आगामी त्योहारों को ध्यान में रखते हुए पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय (भा.पु.से.) ने पुलिस कंट्रोल रूम में एक महत्वपूर्ण अपराध समीक्षा बैठक ली। यह बैठक लगभग 5 घंटे तक चली, जिसमें अपराध नियंत्रण, लंबित विवेचनाओं और आगामी नवरात्रि एवं दशहरा पर्व की सुरक्षा व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर आयुष जाखड़, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनीष भारद्वाज, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जोन-4 सुश्री अंजना तिवारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जोन-2 सुश्री पल्लवी शुक्ला, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) अखिलेश तिवारी तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बी.एस. गोठरिया सहित समस्त पुलिस अधिकारी, थाना प्रभारी और चौकी प्रभारी उपस्थित रहे।

गंभीर अपराधों की थानावार समीक्षा, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी पर जोर

बैठक में एसपी ने त्रिवार्षिक तुलनात्मक भा.द.वि/बी.एन.एस. तथा प्रतिबंधात्मक एवं माइनर एक्ट की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने थानावार लंबित गंभीर अपराधों—हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, झपटमारी, नकबजनी, एस.सी.एस.टी. एक्ट तथा महिला संबंधी अपराधों की गहन समीक्षा करते हुए लंबित प्रकरणों के निराकरण के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

एसपी ने धारा 363 भादवि/137 (2) बी.एन.एस. के लंबित प्रकरणों में अपहृत अवयस्क बालक/बालिकाओं की हर संभव प्रयास कर दस्तयाबी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि अपहृत अवयस्क के जिले से बाहर होने की जानकारी मिले तो तत्काल टीम बनाकर भेजी जाए और दस्तयाबी सुनिश्चित की जाए।

सीएम हेल्पलाइन और जन सुनवाई की शिकायतों का त्वरित निराकरण

एसपी ने सी.एम. हेल्पलाइन, वरिष्ठ कार्यालयों तथा जन सुनवाई की शिकायतों की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि लंबित शिकायतों का त्वरित निराकरण किया जाए और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही करने वाले थाना प्रभारी और चौकी प्रभारियों के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी।

महिला अपराधों में संवेदनशीलता और त्वरित कार्यवाही के निर्देश

महिला संबंधी घटित अपराधों में संवेदनशीलता बरतते हुए तत्काल आरोपी की गिरफ्तारी कर शीघ्र विवेचना पूर्ण कर चालान पेश करने के निर्देश दिए गए। इसी प्रकार महिला संबंधी शिकायतों का भी त्वरित निराकरण करने को कहा गया।

संपत्ति संबंधी अपराधों में बरामदगी और गिरफ्तारी पर जोर

लंबित संपत्ति संबंधी अपराधों की विस्तार से समीक्षा करते हुए एसपी ने पतासाजी कर आरोपियों की गिरफ्तारी एवं चोरी गई संपत्ति की बरामदगी हेतु आदेशित किया।

साइबर अपराध: गोल्डन आवर में तत्काल रिस्पांस जरूरी

साइबर अपराधों की बढ़ती संख्या, जागरूकता की कमी एवं गोल्डन आवर में पुलिस के तत्काल रिस्पांस की आवश्यकता को दृष्टिगत रखते हुए सभी थानों में साइबर हेल्प डेस्क का संचालन शुरू किया गया है। प्रशिक्षित कर्मचारियों को साइबर हेल्प डेस्क संचालन हेतु लगाया गया है। एसपी ने निर्देश दिए कि साइबर फ्रॉड, सोशल मीडिया फ्रॉड एवं अन्य साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतों के संबंध में शीघ्र प्रतिक्रिया व त्वरित कार्यवाही करते हुए पीड़ित को राहत दिलाने का प्रयास किया जाए। मोबाइल गुमने संबंधी शिकायत पर त्वरित कार्यवाही करते हुए CEIR पोर्टल के माध्यम से गुम हुए मोबाइलों का पता लगाकर संबंधित को वापस दिलाएं।

सी.सी.टी.एन.एस. और डिजिटल इंटीग्रेशन की समीक्षा

बैठक में सी.सी.टी.एन.एस. डिजिटल इंटीग्रेशन संबंधी कार्यवाही, ई-साक्ष्य, ई-विवेचना, ई-एफ.आई.आर., ई-चालान, ई-समन के संबंध में समीक्षा की गई। गंभीर अपराध, साइबर फ्रॉड, धोखाधड़ी संबंधी फरार आरोपी/वारंटी जो जिले के बाहर रह रहे हैं, की पतासाजी कर गिरफ्तारी हेतु टीमें बनाकर जिले से बाहर भेजने के निर्देश दिए गए।

पिछले 6 माह की समीक्षा

एसपी ने विगत 6 माह में प्राप्त शिकायत/सीएम हेल्पलाइन शिकायतों की संख्या एवं निकाल की विस्तार से चर्चा की। विगत 6 माह में घटित गंभीर अपराधों व उनके निकाल की जानकारी प्राप्त करते हुए फरार आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी हेतु आदेशित किया गया।

त्योहारों को लेकर विशेष सतर्कता के निर्देश

एसपी सम्पत उपाध्याय ने कहा कि आने वाले दिन कानून व्यवस्था की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण हैं। संस्कारधानी में दुर्गा उत्सव पर्व बड़े ही धूमधाम एवं वृहद स्तर पर मनाया जाता है, जिसकी ख्याति पूरे प्रदेश में है। सप्तमी, अष्टमी एवं नवमी को शाम से ही श्रद्धालु शहर में जगह-जगह सार्वजनिक स्थानों पर स्थापित दुर्गा जी की प्रतिमाओं के दर्शन हेतु निकलते हैं, जिसको लेकर विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।

उन्होंने नवरात्रि एवं दशहरा पर्व के संबंध में एक-एक थाना प्रभारी एवं पुलिस अधिकारियों से उनके थानों में आयोजित होने वाले कार्यक्रम गरबा, चल समारोह एवं भंडारे कार्यक्रमों की जानकारी ली तथा सभी को निर्देशित किया कि दुर्गा जी/काली जी की प्रतिमाएं पारंपरिक स्थानों पर ही स्थापित की जाएं। इसके साथ ही जो जुलूस का पारंपरिक रूट है, उसी रूट से जुलूस निकाला जाएगा। संवेदनशील स्थानों पर फिक्स पिकेट्स लगाए जाएं।

पंडाल व्यवस्था और सुरक्षा के सख्त निर्देश

थाना क्षेत्र में प्रतिमा स्थापित करने वाली समितियों के आयोजकों, डीजे, लाइट के संचालकों, भंडारे का आयोजन करने वालों तथा चल समारोह निकालने वाली समितियों के सदस्यों की बैठक लेकर सभी को स्पष्ट रूप से बताया जाए कि पंडाल लगाते समय इस बात का ध्यान रखें कि पंडाल इस प्रकार से लगाया जाए जिससे आवागमन अवरुद्ध न हो तथा आने-जाने वाले आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। पंडाल में सीजफायर एवं रेत से भरी बाल्टी आवश्यक रूप से रखना सुनिश्चित करें, ताकि छोटी-मोटी अग्नि दुर्घटना को तत्काल नियंत्रित किया जा सके।

प्रत्येक प्रतिमा की जवाबदारी तय

थाना क्षेत्र में स्थापित की जाने वाली प्रत्येक प्रतिमा की जवाबदारी थाने में पदस्थ आरक्षक/प्रधान आरक्षक/सहायक उप निरीक्षक एवं बीट प्रभारी की सुनिश्चित की जाए, जो प्रतिमा स्थापित होने से विसर्जन होने तक पूरी जानकारी रखेंगे। इसके साथ ही रात्रि एवं प्रभात चेक गस्त अधिकारी हर घंटे पंडालों को चेक करते हुए वालंटियर्स की उपस्थिति सुनिश्चित करते हुए पंडाल में रखे गए रजिस्टर में हस्ताक्षर करेंगे।

बिजली साज-सज्जा और आपातकालीन वाहनों की आवाजाही

विद्युत साज-सज्जा में कटे-फटे तारों का उपयोग नहीं होना चाहिए। विद्युत साज-सज्जा इस प्रकार से की जाए कि इमरजेंसी वाहन, फायर ब्रिगेड, पुलिस वाहन, एम्बुलेंस आदि आसानी से आ-जा सकें। इस हेतु क्रॉस लाइटिंग न करें, दोनों तरफ साइड में लाइटिंग करें। पंडालों पर अग्निशमन यंत्र एवं रेत से भरी बाल्टी आवश्यक रूप से रखी जाए ताकि किसी तरह की कोई अप्रिय घटना न हो। इसके साथ ही सी.सी.टी.वी. कैमरे लगवाए जाएं तथा 2-2 वालंटियर राउंड द क्लॉक पंडाल में मौजूद रहें। विसर्जन स्थलों पर होमगार्ड एवं स्थानीय तैराक उपस्थित होना सुनिश्चित करें।

महिलाओं की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन

मंदिरों में जल चढ़ाने हेतु जाने वाली महिलाओं के रास्तों पर पर्याप्त प्रकाश एवं पुलिस की पेट्रोलिंग व्यवस्था हो, यह सुनिश्चित करें। बड़े कार्यक्रम स्थलों में जहां अधिक संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ होती है, यदि पृथक से निर्गम द्वार नहीं है तो अनिवार्य रूप से बनवाया जाए।

अशांतिप्रिय तत्वों पर सतत निगाह

एसपी ने कहा कि ऐसे समय में कुछ अशांतिप्रिय एवं विघ्नसंतोषी तत्व सक्रिय रहते हैं, जो व्यवधान उत्पन्न करने का प्रयास करते हैं। ऐसे लोगों पर सतत निगाह रखी जाए। संवेदनशील स्थानों में आवश्यक रूप से भ्रमण करते हुए निगाह रखें। अपने सूचनातंत्र को मजबूत करें, जिससे क्षेत्र में होने वाली छोटी से छोटी असामाजिक गतिविधियों की जानकारी आपको तुरंत मिल सके।

विवादों में प्रतिबंधात्मक कार्यवाही और फाइनल बाउंड ओवर

दो पक्षों में जहां-जहां भी विवाद हुआ है, उनके विरुद्ध आवश्यक रूप से प्रतिबंधात्मक कार्यवाही करते हुए सभी का फाइनल बाउंड ओवर करवाया जाए, ताकि बंधपत्र का उल्लंघन करने पर उनके विरुद्ध कार्यवाही की जा सके।

शांति समिति की बैठक के सुझावों पर अमल

सूचनातंत्र को मजबूत करने हेतु थाना स्तर पर शांति समिति की बैठक आयोजित की गई है। बैठक के दौरान जो भी सुझाव आए हैं, उन पर अमल करें तथा जो समस्याएं आई हैं, उनका निराकरण करें।

बलवा ड्रिल सामग्री और वाहन तैयार रखने के निर्देश

शासकीय वाहनों में बलवा ड्रिल सामग्री, टियर गैस, टॉर्च, वीडियो कैमरा, लाउड हेलर आवश्यक रूप से रखे जाएं। वाहन का पीए एवं सायरन सिस्टम चालू हालत में हो, यह सुनिश्चित करें।

निष्पक्ष कार्यवाही और पुलिस का खौफ

एसपी ने कहा कि छोटी सी घटना की जानकारी भी लगती है तो तत्काल मौके पर पहुंचकर विधि सम्मत कार्यवाही करें। हमारी कार्यवाही निष्पक्ष होनी चाहिए। हमारा प्रमुख उद्देश्य शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना है, इसमें किसी भी प्रकार की कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए। आपकी कार्यवाही से आम नागरिकों में पुलिस के प्रति सुरक्षा का भाव हो तथा असमाजिक तत्वों/गुंडे-बदमाशों में पुलिस का खौफ होना चाहिए।